“चल उठ खड़ा हो”  Motivational Poem

यह रही एक प्रेरणादायक कविता, जो आपके मन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह भर देगी:




🌸 “चल उठ खड़ा हो” 🌸

चल उठ खड़ा हो, अभी तो शुरुआत बाकी है,
तेरे हौसलों की असली उड़ान बाकी है।
थक कर बैठा है क्यों, मंज़िल से पहले ही,
अभी तो रास्तों की परख, इम्तिहान बाकी है।

मत सोच कि तू अकेला है इस जहां में,
तेरे अंदर छुपा पूरा आसमान बाकी है।
हर हार के बाद भी मुस्कुरा कर देख,
तेरे सपनों का पूरा कारवां बाकी है।

जो भी मिला है, उसका शुक्र कर खुदा से,
अभी तो उसकी मेहरबानी का बयान बाकी है।
जो तूने खोया है, उसे छोड़ आगे बढ़,
तेरे हाथों में एक नयी पहचान बाकी है।

हर सुबह एक नया सवेरा लाती है,
हर रात के बाद एक रोशनी आती है।
रुक मत, झुक मत, हार मत मान,
तेरे जीवन की सबसे खूबसूरत कहानी बाकी है।

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